सोलन-:उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आज धारों की धार में प्रगतिशील बागवान करण सिंह द्वारा वर्ष 2025 में स्थापित ब्लूबेरी फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (FLD) इकाई का दौरा किया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत बागवानी विभाग के सहयोग से स्थापित इस इकाई में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ब्लूबेरी की खेती की जा रही है।
800 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित इस प्रदर्शन इकाई में मृदाविहीन माध्यम (Soilless Media) में ब्लूबेरी के 600 पौधे लगाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पौधों की वृद्धि एवं प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया, जो सोलन जिला की कृषि-जलवायु परिस्थितियों में संरक्षित वातावरण के अंतर्गत ब्लूबेरी उत्पादन की संभावनाओं को दर्शाता है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला की जलवायुगत परिस्थितियों के अनुरूप उच्च मूल्य वाली फल फसलों को बढ़ावा देना बागवानों की आय में वृद्धि तथा उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आधुनिक उत्पादन तकनीकों, संरक्षित खेती और फसल विविधीकरण को अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।इस अवसर पर एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन इकाइयों के माध्यम से जिले में ब्लूबेरी की खेती को प्रोत्साहित करने तथा इसके विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई।बागवानी विभाग द्वारा जिला सोलन में अब तक ब्लूबेरी की छह फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, उद्यान प्रदर्शन केंद्र गौड़ा में भी ब्लूबेरी की प्रदर्शन इकाई स्थापित की गई है। इन प्रयासों के फलस्वरूप जिले में 5,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में संरक्षित वातावरण के अंतर्गत ब्लूबेरी की खेती की जा रही है।
जिला में ब्लूबेरी उत्पादन को और विस्तार देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन (HPSHIVA) परियोजना के अंतर्गत लगभग 188 किसानों को लाभान्वित करने की योजना है। इसके तहत लगभग 35 हेक्टेयर क्षेत्र को ब्लूबेरी की खेती के अंतर्गत लाना प्रस्तावित है। इस पहल से किसानों को उच्च मूल्य वाली फल फसल अपनाने के नए अवसर मिलेंगे तथा जिले में बागवानी विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को फल राज्य के रूप में विकसित करने तथा किसानों एवं बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में एच.पी. शिवा परियोजना के अंतर्गत प्रदेश की जलवायु के अनुकूल फल फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आधुनिक उत्पादन तकनीकों, संरक्षित खेती तथा तकनीकी एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से ब्लूबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
धारों की धार स्थित प्रदर्शन इकाई उच्च मूल्य वाली फल फसलों के उत्पादन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बागवानी क्षेत्र में उपलब्ध नई संभावनाओं का उदाहरण है। इस प्रकार की पहल से किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी मिलने के साथ-साथ आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने में भी सहायता मिलेगी।इस अवसर पर जिला शिकायत निवारण समिति के सदस्य शिव कुमार, उद्योग विभाग सोलन की उप निदेशक डॉ. शिवाली ठाकुर, बागवानी विभाग की सोलन एवं कण्डाघाट स्थित विषय विशेषज्ञ (उद्यान) शकुन राणा तथा प्रगतिशील बागवान करण सिंह एवं सुरिंदर ठाकुर उपस्थित थे।
