राहुल चावला, धर्मशाला। राधाष्टमी के अवसर पर धर्मशाला की प्रसिद्ध डल झील में शनिवार को शाही स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी। मौसम साफ रहने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।
मान्यता है कि जो श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर नहीं पहुंच पाते, वे राधाष्टमी के अवसर पर डल झील में स्नान कर मणिमहेश तुल्य पुण्य प्राप्ति की कामना करते हैं। क्षेत्र के लोगों के लिए डल झील का यह धार्मिक स्नान विशेष महत्व रखता है। सुबह करीब चार बजे से ही श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डल झील में अलग-अलग स्नान घाट बनाए गए थे। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस व प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कतारों को व्यवस्थित किया गया।
चामुंडा देवी के समीप जदरंगल निवासी विनीत धीमान ने बताया कि डल झील में शाही स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि चंबा, भरमौर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल होते हैं जो मणिमहेश तक पैदल यात्रा करने में सक्षम नहीं होते। उन्होंने प्रशासन की ओर से किए गए इंतजामों की सराहना की और कहा कि स्नान घाटों पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था होने से स्नान में सुविधा रही।
धर्मशाला निवासी राजीव महाजन ने बताया कि डल झील का धार्मिक महत्व प्राचीन समय से जुड़ा हुआ है और इसे मणिमहेश की डल झील से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्म मुहूर्त में करीब चार बजे से स्नान शुरू हो गया था। मौसम अनुकूल होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने पुलिस, प्रशासन, यातायात और रेस्क्यू व्यवस्था पर भी संतोष जताया।
पुजारी सुभाष शर्मा ने बताया कि डल झील में राधाष्टमी के अवसर पर होने वाले स्नान को मणिमहेश तुल्य माना जाता है। उन्होंने कहा कि मणिमहेश नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालु यहां स्नान और दर्शन करते हैं। इस बार भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस की मदद से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतारें व्यवस्थित करवाई गईं। उन्होंने बताया कि महाआरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

