संजु चौधरी, शिमला: शिमला नगर निगम के चुनावों का बिगुल बज चुका है इन चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही नाम वापस लेने की आखिरी तिथि भी समाप्त हो चुकी है ऐसे में अब नगर निगम शिमला के 34 वार्डों में 107 उम्मीदवार अपनी किस्मत का दांव आजमा रहे हैं। निगम के 10 वार्ड पर भाजपा और कांग्रेस सीधे मुकाबले में हैं। इन वार्डों में किसी भी अन्य पार्टी ने किसी उम्मीदवार को नहीं उतरा हैं। विधानसभा चुनावों के साथ हिमाचल की राजनीति में एंट्री लेने वाली आम आदमी पार्टी भी नगर निगम चुनावों में मैदान में हैं, हालांकि आम आदमी पार्टी सभी 34 वोट पर प्रत्याशी तो नहीं तलाश पाई, लेकिन भाजपा और कांग्रेस पर प्रदेश में तीसरे दल के दाखिल न होने देने का आरोप लगा रही हैं। पार्टी अध्यक्ष सुरजीत ने भाजपा-कांग्रेस पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को डराने धमकाने का भी आरोप लगाया हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों बौखलाई हुई हैं। सुरजीत ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस नहीं चाहती कि प्रदेश में कोई तीसरा राजनीतिक दल दाखिल हो पाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में और खासतौर पर शिमला में एक बार मैं एक बार तूं वाला खेल चल रहा हैं। सुरजीत ने भाजपा और कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों ने शिमला में विकास का कोई काम नहीं किया हैं। उन्होंने कहा कि एक बार भाजपा लोगों को ठगती है फिर कांग्रेस आ जाती हैं और यह क्रम चलता रहता हैं।
सुरजीत ने कहा कि शिमला नगर निगम की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इसके अलावा उन्होंने भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को धमकाने का काम किया हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को जबरदस्ती उठाया गया और उनसे नामांकन वापसी के फॉर्म पर जबरदस्त जबरन साइन करवाएं गए हैं।
