कुल्लू,मनमिंदर (TSN)-हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में बीते दिनों बाहरी राज्यों से आने वाले मोटरसाइकिल सवारो के द्वारा स्थानीय लोगों के साथ मारपीट की गई और कई जगह पर हुड़दंग मचाया गया।ऐसे में जिला प्रशासन 4 अप्रैल तक ऐसे हुड़दंगी मोटरसाइकिल सवारी पर कानूनी कार्रवाई करें। वरना मणिकर्ण घाटी में लोगों के द्वारा अब इस मामले में खुद एक्शन लिया जाएगा।इसी मुद्दे को लेकर मणिकर्ण घाटी के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल ढालपुर डीसी कुल्लू तोरूल एस रवीश से मिला और डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी एक ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में मांग रखी गई कि अगर जल्द ही प्रशासन व सरकार के द्वारा इस मामले में का हल नहीं किया गया।तो पंचायत में विलेज डिफेंस कमेटी का गठन किया जाएगा और कमेटी के द्वारा ही इस पूरे मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कारवाई न होने पर ग्रामीण लेंगे खुद एक्शन
ढालपुर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए मणिकर्ण घाटी के स्थानीय निवासी अमन सूद ने बताया कि हाल ही में होली के दौरान पंजाब से आए हुए युवक मोटर साइकिल में भारी तादाद में आए थे।ये लोग जगह-जगह हिमाचल के स्थानीय लोगों के साथ मारपीट में शामिल थे।जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ये जो युवक मोटरसाइकिल में आते हैं वो बिना नंबर प्लेट, बिना हेलमेट,खालिस्तानी झंडे को अपने बाइक में लगाकर आते हैं और सरेआम कानूनी की धज्जियां उड़ाते हैं। जिससे कानून व्यवस्था पर निशान उठ रहे हैं। अमन सूद ने बताया कि बीते दो साल पहले भी मणिकर्ण गांव के अन्दर नैणा माता मंदिर पर इन उपद्रवियों ने शराब की बोतलें फेंकी व नंगी तलवारों को लहराया। वही, स्थानीय लोगों के साथ मारपीट की भी की व कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया था। अब प्रदेश सरकार ने उपरोक्त मामले में अभी तक कोई भी कड़ा फैसला न लिया है। हम चाहते है कि सरकार भी इस पर अमल करें कि इन उपद्रवियों को इस तरह की हरकत करने से रोका जाए। सरकार यदि यह कार्य नहीं करती तो मजबूरन हम लोगों को गांव-गांव में सुरक्षा संगठन को बनाना पड़ेगा। अमन सूद का कहना हैं कि जो भी युवक मोटरसाइकिल पर पंजाब से आते हैं। उनका हिमाचल की सीमा पर सभी दस्तावेज चैक होने चाहिए। कोई भी मोटरसाइकिल विना नम्बर प्लेट के नहीं होना चाहिए और कोई भी मोटरसाइकिल चालक बिना पगड़ी, बिना हेलमेट न होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस मामले में जल्द कार्रवाई करें। वरना ग्रामीण को अपने स्तर पर ही इन मामलों में एक्शन लेना होगा।
