शिमला,संजु चौधरी(TSN)-अभी कुछ समय पहले हिमाचल प्रदेश की राजधानी में सीआईडी विभाग में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए लाया गया समोसा किसने खाया पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था, उसके कुछ ही दिनों बाद मुख्यमंत्री गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान शिमला जिला के कुपवी के टिक्कर गांव में बीती रात को मुख्यमंत्री के भोजन में जंगली मुर्गा परोसने का विषय सुर्खी बन गया है,जिसको लेकर लगता भाजपा हमलावर हो रही है ।
प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी करण नंदा का कहना है कि सोशल मीडिया पर जंगली मुर्गा प्रकरण वायरल हो रहा है.उससे यह साफ जाहिर होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री पब्लिसिटी स्टंट करने के लिए लगातार गांव का भ्रमण कर के दिखाना चाहते कि मैं पहला मुख्यमंत्री हूं जो जनता के बीच में रात को रुका हूं।उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री अपने पद की गरिमा का संदेश लोगों को दे पा रहे हैं.भाजपा मीडिया प्रभारी करण नंदा ने कहा कि सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तथा अन्य अधिकारियों को यह खाने में परोसा जाएगा उसका मेन्यु जारी किया जाता है।उन्होंने कहा कि जहां यह मुख्यमंत्री की भी खामी है और जिला प्रशासनिक अधिकारियों की भी खामी है और जब समोसे पर जांच बैठ सकती है तो जंगली मुर्गा प्रकरण पर भी जांच बैठेगी और खामियां पाई जाएंगे और यह देखा जाएगा की जब जंगली मुर्गा करने पर प्रतिबंध है तो इसे मुख्यमंत्री के रात्रि भोजन के मेनू में कैसे प्रकाशित किया गया ।करण नंदा ने कहा कि अगर वाइल्डलाइफ एक्ट 1972 मे बना था और 2022-23 में संशोधित किया गया था जिसमे यह साफ दर्शाया गया कि जंगली मुर्गा जनजातीय पक्षी है का शिकार नहीं किया जा सकता है और इस पर प्रदेश में प्रतिबंध लगा हुआ है।
