मनमिन्दर अरोड़ा/ कुल्लू: अग्निपथ योजना देशहित में नहीं बल्कि देश में अराजकता फैलाने वाली योजना है। यह योजना रक्षा के मामले में पूरी तरह से लंगड़ी योजना है। यह बात ब्रिगेडियर टीएस ठाकुर चेयरमैन एक्सरविस मेन कांग्रेस डिपार्टमेंट हिमाचल ने यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पांच वर्षों बाद एक्स सर्विस मेन व अर्धसैनिक बल की याद आई है तभी वे ज्वालामुखी में आकर रैली को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक मोदी सरकार एक्स सर्विस में व अर्धसैनिक बल को ठगती रही है और हिमाचल आ रहे हैं तो हमें उम्मीद है कि वे हमारी मांगों की घोषणाएं करेंगें। या फिर अभी भी झुनझुना थमाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वन पेंशन वन रैंक के लिए बजट का प्रावधान किया था , लेकिन मोदी सरकार ने आते ही इस पर पाबंदी लगाई। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के चलते वन रैंक वन पेंशन तो मान ली, लेकिन अभी भी पूरी तरह से इस योजना को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक एरियर नहीं दिया गया है और कई बार समय मांगा है, क्या अब भी सरकार को समय चाहिए।
मोदी सरकार ने कैंटीन सुविधा में भी कटौती की
ब्रिगेडियर टीएस ठाकुर ने कहा कि कैंटीन सुविधा में भी मोदी सरकार ने कटौती कर दी है और इसका 200 करोड़ का बजट आम बजट में शिफ्ट कर दिया है जो हमारे साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए अर्धसैनिक बल भी महत्वपूर्ण कड़ी है और सैनिकों के बराबर काम देश की रक्षा में करते हैं। लेकिन उनके लिए अभी तक बोर्ड तक गठित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक के लिए किसी भी तरह की सुविधा नहीं है और उनकी मांगे भी लंबित पड़ी है।
छह माह में कोई भी सैनिक नहीं बनता
ब्रिगेडियर टीएस ठाकुर ने कहा कि अग्निपथ योजना एक मजाक बना दिया है। देश की रक्षा के साथ ऐसा भद्दा मजाक ठीक नहीं। छह माह में कोई भी सैनिक नहीं बनता और चार वर्ष में कोई सैनिक रिटायर नहीं होता। चार वर्ष बाद युवा बेकार बैठकर अराजकता फैलाने में मशगूल होगा। ऐसे सैनिक जिनका भविष्य नहीं होगा वे देश की रक्षा कैसे कर पाएंगे। चार साल के वे पढ़ाई के लिए ओवरएज हो जाएंगे और न ही नोकरी मिल पाएगी । ऐसे में वे देश में अराजकता फैलेगी और देश सुरक्षित नहीं होगा। उन्होनें प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस तरह की योजना को देशहित में तुरंत खारिज करें। उन्होंने कहा कि अगर अभी भी एक्ससर्विस मेन व अर्धसैनिक बल की लंबित मांगों की घोषणा नहीं करते तो इसका मुंहतोड़ जबाव मिलेगा।
