Uयोगेश शर्मा, सोलन: हिमाचल ने बंद पड़े दो सीमेंट प्लांट में से दाड़लाघाट में स्थित अंबुजा सीमेंट प्लांट पिछले 21 दिनों से बंद पड़ा हैं। माल भाड़े को लेकर पिछले 21 दिनों से चला आ रहा ट्रक ऑपरेटरों व अडानी समूह के बीच का विवाद अभी भी सुलझ नहीं पाया हैं। प्लांट के बंद रहने से ट्रक ऑपरेटर्स को भी नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। यही वजह हैं कि प्लांट बंद को लेकर मंगलवार को ट्रक ऑपरेटरों ने अदानी ग्रुप के खिलाफ दाड़लाघाट में अपना रोष प्रकट किया।
ट्रक ऑपरेटर्स ने एलान किया कि 7 जनवरी तक यदि कोई सकारात्मक फैसला नहीं होता है तो सभी ट्रांसपोर्टर्ज सोसायटियों के सदस्य चक्का जाम करने से गुरेज नहीं करेंगे। सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों ने अंबुजा सीमेंट प्लांट दाड़लाघाट के मुख्य द्वार से बस स्टैंड तक रैली निकाल कर अडानी समूह के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गो बैक अडानी,अडानी-सदानी नहीं चलेंगे जैसे नारे लगाए। इस मौके पर आक्रोशित ट्रक ऑपरेटरों ने अडानी का पुतला बस स्टैंड दाड़लाघाट में जलाया।
दाड़लाघाट की विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अडानी समूह की मनमानी सहन नहीं की जाएगी। बाघल लैंड लूजर के पूर्व प्रधान रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि आज अडानी का पुतला जलाया गया जो ट्रांसपोर्टरों के गुस्से का सैलाब था। उन्होंने कहा कि अडानी समूह अपने अनुसार चलाना चाहता है,ऐसा हम कतई भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले कल शिमला में आयोजित बैठक में कोई हल नहीं निकाला,लेकिन माल ढुलान को लेकर जो रेट निर्धारित है वो आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब कमेटी की अगली बैठक 7 जनवरी को होगी। हमें उम्मीद है कि उस दिन ट्रक ट्रांसपोर्टर्स के पक्ष में कोई फैसला आएगा यदि ऐसा नहीं होता है तो उसके बाद ट्रांसपोर्टर्स निश्चित रूप से चक्का जाम करेंगे।
