मंडी:धर्मवीर (TSN)- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुर कौल सिंह ने यदि अपने जीवन में सच्चाई से राजनीति की होती तो आज उन्हें अपने दोनों चेलों से चुनाव नहीं हारना पड़ता। यह तीखी जुबानी प्रहार पूर्व मंत्री एवं सदर विधायक अनिल शर्मा ने मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कौल सिंह ठाकुर पर किया है।
कांग्रेस के छुटभैये नेताओं ने कैश बांट कर की राहत राशि में की बंदरबांट
अनिल शर्मा ने कहा कांग्रेस पार्टी में रहकर उन्हें भी कौल सिंह के साथ काम करने का मौका मिला है। कौल सिंह ने हमेशा झूठ की राजनीति की है। यदि उन्होंने सच्चाई व ईमानदारी से जनता की सेवा की होती तो आज तीन-तीन चुनाव ना हारे होते। आपदा राहत राशि को लेकर भी आज कौल सिंह ठाकुर झूठ बोल रहे हैं और उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए। आपदा राहत राशि को बांटते हूए कांग्रेसी नेताओं ने बंदरबांट की है। इनके छुटभैये नेताओं ने लोगों में जाकर कैश बांट कर वाहवाही लूटने की भी कोशिशें की। इस बंदरबांट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पैनी नजर है, जिसे लेकर पीएम मोदी ने जांच करने की बात भी कही है।
सुखराम परिवार ने नहीं हारा है आज तक एक भी चुनाव
अनिल शर्मा ने कहा कि सुखराम परिवार में आज तक कोई भी विधानसभा चुनाव नहीं हारा है। यदि वे विधानसभा चुनाव हारते हैं तो, वही दिन राजनीति से उनका संन्यास होगा। कौल सिंह ठाकुर तीन बार चुनाव हार चुके हैं, इसलिए उन्हें अब घर बैठना चाहिए। विधायक अनिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कौल सिंह ने किसी समय पत्रकार वार्ता में बयान दिया था कि अब पंडित सुखराम का समय समाप्त हो गया है। कौल सिंह के इसी बयान के बाद उन्होंने बीजेपी से चुनाव लड़ने का फैसला लिया। नहीं तो उनका परिवार आज भी कांग्रेस पार्टी में ही होता। वहीं अनिल शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह पर जुबानी हमला करते हुए कि उन्हें चुनावों के समय ही मंडी की याद आती है। उनकी माता यहां से सांसद है और विक्रमादित्य सिंह स्वयं मंत्री रहे लेकिन मंडी में शिव धाम कार्य बंद होने पर मां बेटे ने मुंह तक नहीं खोला। वहीं प्रदेश सरकार को घेरते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री व इनके नेता हर मंच से कह रहे हैं कि केंद्र सरकार की ओर से अनदेखी की जा रही है। यदि इनकी बातों में सच्चाई है तो इन्हें हिमाचल के हकों के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
