इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए बीते मंगलवार को कृषि विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राकृतिक खेती तकनीक से प्राप्त जौ की पिसाई कर इसे राज्यभर के राशन डिपो और कृषि विभाग के आउटलेट्स के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने बताया कि यह प्रयास प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने में भी मदद करेगा।
कृषि विभाग ने इस योजना के तहत पांगी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से खरीदे गए जौ की पहली पिसाई का निर्णय लिया है। इसके बाद यह जौ का आटा पूरे प्रदेश में विभिन्न केंद्रों पर 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा। विभाग का मानना है कि रसायन-मुक्त जौ का आटा न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प है, बल्कि उपभोक्ताओं को पारंपरिक स्वाद और पौष्टिकता प्रदान करेगा।कृषि विभाग के सचिव सी. पालरासू ने जानकारी दी कि प्राकृतिक खेती से तैयार यह उत्पाद जल्द ही डिपो और विभागीय आउटलेट्स पर उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना है, साथ ही किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
