Bilaspur, Subhash-:बिलासपुर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से टीबी से पीड़ित मरीजों और कुपोषित बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल शुरू की है। इस नए अभियान के तहत अब जिले के सभी टीबी (क्षय) मरीजों को घर-द्वार पर ही विशेष पोषण किट प्रदान की जाएगी, ताकि उपचार के दौरान उनकी पोषण स्थिति मजबूत हो सके।
इस न्यूट्रिशन किट में रोस्टेड मूंगफली, गुड़, साबुत चना, रोस्टेड चना और मल्टीग्रेन पफ जैसे प्रोटीन व ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि पोषण स्तर सुधरने से मरीजों का उपचार और अधिक प्रभावी हो तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े। इन किटों के घर-घर वितरण की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है। वहीं जो मरीज सीधे टीबी केंद्रों पर दवा लेने पहुंचेंगे, उन्हें वहीं पर किट उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिले में कुपोषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सैम (गंभीर तीव्र कुपोषण) और मैम (मध्यम तीव्र कुपोषण) श्रेणी के बच्चों के लिए भी पोषण सहयोग की व्यवस्था लागू कर दी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में 35 बच्चे गंभीर कुपोषण (अतिकुपोषित) की श्रेणी में हैं, जबकि 112 बच्चे अल्पकुपोषित पाए गए हैं। इन सभी बच्चों पर स्वास्थ्य विभाग और ICDS टीमें विशेष निगरानी कर रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से इन बच्चों तक विशेष पोषण किट नियमित रूप से पहुंचाई जाएगी।जिला प्रशासन का कहना है कि टीबी मरीजों और कुपोषित बच्चों को समय पर पोषण सहायता प्रदान करना स्वास्थ्य सुधार और रोग नियंत्रण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल मरीजों का स्वास्थ्य तेजी से सुधरेगा, बल्कि जिले में टीबी उन्मूलन और कुपोषण नियंत्रण अभियान को भी नई दिशा मिलेगी।
