राकेश,ऊना: आज के इस दौर में जहां लोगों का इंसानियत के ऊपर से भरोसा उठ चुका हैं। वहीं इंसानियत ओर ईमानदारी की एक अलग ही मिसाल रक्कड़ कलोनी के रहने वाले भरत भूषण ने पेश की है। भरत भूषण ने एक महिला को उनका पैसों और गहनों से भरा पर्स वापिस लौटाया हैं जिससे उन्होंने ईमानदारी की एक अलग मिसाल पेश कर दी हैं।
ऊना के जोनल अस्पताल में कार्यरत भरत भूषण मंगलवार को जब अपनी बाइक पर नंगल पंजाब की तरफ जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार मोटर साइकिल उनके पास से गुजरी। इस मोटरसाइकिल के पीछे बैठी महिला का पर्स अचानक सड़क पर गिर गया और उसे पता भी नहीं चला। भूषण ने सड़क पर गिरे पर्स को उठाया और बाइक का कुछ किलोमीटर तक पीछा किया, हॉर्न पर हॉर्न भी बजाए, लेकिन मोटर बाइक की स्पीड तेज़ होने के कारण उन तक पहुंच नहीं पाए।
भूषण ने जब पर्स खोला, तो पर्स में नकदी के साथ-साथ कुछ गहने व एक मोबाइल फोन भी था। पहले तो उन्होंने पर्स को पुलिस में देने का इरादा बनाया, लेकिन फिर पर्स में मिले मोबाइल पर डायल नंबरों पर फोन किया। जिस पर पता चला कि यह पर्स नया नंगल में रहने वाली संबल नाम की महिला का है, जो किसी रिश्तेदारी में एक समारोह में भाग लेने जा रही थीं। जब संबल को पर्स गिरने बारे सूचना मिली तो उसने भरत भूषण से मोबाइल पर संपर्क किया ओर उनसे आग्रह किया कि वह पर्स को पुलिस में न दें और वह अभी पर्स लेने वापिस आ रही हैं। फिर उन्होंने रक्कड़ में भरत भूषण के घर आकर अपना पर्स लिया ओर उनका विशेष आभार प्रकट किया।
आज के युग में मनुष्य के स्वभाव में भौतिक वस्तुओं के प्रति लगाव में चाहे जितनी भी वृद्धि हो गई हो, लेकिन सदाचार, ईमानदारी और परोपकार के लिए जानी जाने वाली भारत की समृद्ध संस्कृति के उदाहरण भरतभूषण जैसे लोगों के माध्यम से मिल जाते हैं।
