धर्मशाला:हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का जंतु विभाग स्क्रब टाइफस होने के असल कारणों की खोज करने के साथ ही केंसर की दवा बनाने में औषधिये पौधों की उपयोगिता पर काम करेगा।
इसके लिए शोध कार्य विश्वविद्यालय में किया जाएगा जिसके लिए 75 लाख के प्रोजेक्ट भी विभाग को मंजूर हुए है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के प्रो. एसपी बंसल, कुलपति ने बताया कि किविश्वविद्यालय के लिए बड़े गर्व की बात है कि केंद्र की ओर से हमारे एक ही विभाग को दो शोध प्रोजेक्ट मिले हैं। जनहित के यह शोध पूरे होने के जनता के भलाई में सीयू के भूमिका होगी ओर शोध के क्षेत्र में विवि को अग्रणी आने का भी अवसर प्राप्त होगा।
कुलपति ने कहा कि सीयू के जंतु विभाग के डा. दीक्षित शर्मा को स्क्रब टाइफस के बैक्टीरिया पर शोध करने के लिए 35 लाख रुपए का प्रोजेक्ट दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत डा. दीक्षित स्क्रब टाइफस होने के असल कारणों का पता करेंगे। इस मुख्य उद्देश्य यह रहेगा कि किस मौसम में और कैसे माहौल में स्क्रब टाइफस का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसके अलावा अगर स्क्रब टाइफस का बैक्टीरिया एवं पिस्सु किसी को काट ले या काटने से पूर्व उसके प्रभाव को कैसे कम किया जा सकता है।
वहीं कैंसर की दवा बनाने में औषधिये पौधों की उपयोगिता के लिए सीयू के जंतु विभाग के डा. रणजीत व डा. राकेश अपनी टीम के साथ काम करेंगे। 40 लाख रुपये बजट वाले इस प्रोजेक्ट के तहत तीन सालों के प्रदेश के पाए जाने वाले पौधों की जांच होगी उसके बाद रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
