Shimla, Sanju,-:वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने हिमाचल प्रदेश के लिए 45,809.93 करोड़ रुपये की ऋण क्षमता का अनुमान प्रस्तुत किया है। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 8.44 प्रतिशत अधिक है, जिसमें कृषि, ग्रामीण विकास और एमएसएमई क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
शिमला में आयोजित नाबार्ड के स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026-27 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा पहाड़ी राज्य है, लेकिन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है और नाबार्ड के सहयोग से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सेमिनार के दौरान नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर डॉ. विवेक पठानिया ने स्टेट क्रेडिट प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वित्त वर्ष में प्रदेश के लिए कुल 45,809.93 करोड़ रुपये की ऋण क्षमता तय की गई है। उन्होंने बताया कि इस बार एमएसएमई सेक्टर को विशेष तरजीह दी गई है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।इसके साथ ही उद्योगों को नई तकनीक से जोड़ने, बाजार उपलब्ध कराने और मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
