मंडी/परी शर्मा: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के सदर विधानसभा सीट से राजनीतिक समीकरण बदलने वाले है। यंहा अब त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। भाजपा प्रचार प्रसार समिति के संयोजक प्रवीण शर्मा आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते है। हालांकि प्रवीण शर्मा को 2007 में भाजपा से टिकट मिली थी लेकिन टिकट को उनसे वापस लेकर डीडी ठाकुर को दी गई थी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की होट सीट माने जानी वाली सदर विधानसभा सीट पर अब त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है। भाजपा प्रचार प्रसार समिति के संयोजक प्रवीण शर्मा आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते है।
सदर सीट से दो ब्राहमणों और एक ठाकुर के बीच कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को मिलेगा। हालांकि अनिल शर्मा लगातार सदर में हावी है और अनिल शर्मा के भाजपा में आने पर पहले भी भाजपा के कई युवाओं के दिल टुटे है और अब फिर से उनके भाजपा में ही रहने और उन्हे सदर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिए जाने से युवाओं में तल्खी नजर आ रही है। 2017 में अनिल शर्मा भाजपा में फलाईटिड मोड़ से आए थे और प्रवीण शर्मा की आस फिर टुटी थी लेकिन इस बार उन्होने आजाद प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरने का मन बना लिया है।
इस बार प्रवीण शर्मा के साथ लोगों की साहनुभूति भी चल सकती है। चूंकि प्रवीण शर्मा को 2007 में भाजपा से टिकट मिली थी और आज भी सदर से वे भाजपा से प्रबल दावेदार माने जाते है। ऐसे में ये देखना दिलचस्प रहेगा कि भाजपा के मौजूदा विधायक अनिल शर्मा और भाजपा के ही नेता के बीच भाजपा के चाहवान किसे वोट करेगें। क्या अनिल शर्मा और चंपा ठाकुर के बीच की लड़ाई का फायदा प्रवीण को होगा, ये तो आने वाला समय ही तय करेगा लेकिन इतना तय है कि प्रवीण शर्मा के चुनावी मैदान में उतरने से सदर से राजनीतिक समीकरण बदलने वाले है और इसका असर भाजपा के प्रत्याशी पर भी पड़ सकता है।
