संजु चौधरी,शिमला: प्रदेश में भारी बारिश के चलते आई आपदा से हुए नुकसान और बचाव एवं राहत कार्य करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से आपदा राहत कोष का गठन किया गया हैं। इसी राहत कोष में भाजपा विधायकों की ओर से भी 1 महीने का वेतन अंशदान के रूप में दिया जाएगा। यह फैसला गुरुवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में लिया गया हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि कल भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, संगठन मंत्री सिद्धातन और महामंत्री बिहारी लाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें विधायकों ने अपनी एक महीने की सैलरी राहत कोष में देना का वादा किया हैं। वह इस सैलरी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सौपेंगे। अभी मुख्यमंत्री दौरे पर है और जैसी जी वो वापस आएंगे उनको यह चैक सौंपा जाएगा।
इस बैठक में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में जो आपदा आई और उस आपदा के दौरान जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनकी आत्मा की शांति के लिए और परमात्मा से कामना की गई की उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान हो। सभी ने 2 मिनट का मौन रखा और एक शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
प्रस्ताव में भाजपा विधायक दल ने कहा की जिस तरह से केंद्र सरकार और राष्ट्रीय नेतृत्व ने आपदा आने पर हिमाचल प्रदेश को पूर्ण सहयोग दिया हैं उसके लिए विधायक दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और अन्य सभी मंत्रियों का धन्यवाद किया।
प्रस्ताव में प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया गया की सरकार ने आपदा में भी राजनीति की हैं। इस आपदा के दौरान श्रेय लेने की होड़ कांग्रेसी नेताओं में साफ देखी गई हैं। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों में भी श्रेय लेने की होड़ बढ़ चढ़कर देखी गई हैं, जिसके कारण वह केंद्र सरकार के सहयोग का धन्यवाद करना ही भूल गए।
प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया की राहत राशि जिसमें केंद्र सरकार और हिमाचल की जनता का सहयोग हैं, उस में गड़बड़ घोटाला होना शुरू हो गया हैं। इस राशि को सरकार के कर्णधार नकद बांट रहे हैं जो कि गलत हैं। इस राशि के वितरण में भाई भतीजावाद भी हो रहा है और जिनको यह राशि मिलनी चाहिए उनको यह राशि पहुंच नहीं पा रही हैं। शायद यह राशि नेताओं के चाहितों को दी जा रही हैं।
विधायक दल ने मांग की यह राहत राशि सरकारी अधिकारियों के माध्यम से बांटी जानी चाहिए या डीबीटी के माध्यम से खातों में जानी चाहिए। जहां पर कैश वितरण होता है वहां पर भ्रष्टाचार जरूर होता हैं।
विधायक दल ने माना कि यह त्रासदी बहुत बड़ी थी और सरकार को इस समय सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी जिससे सभी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के सुझाव सरकार तक पहुंचते।
भाजपा विधायक दल का मानना है कि सरकार को मानसून सत्र जल्द से जल्द बुलाना चाहिए, क्योंकि सभी विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और सभी धरातल की वस्तुस्थिति विधानसभा में रखना चाहते हैं, जिससे राहत कार्यों में तेजी आएगी।
