संजू, शिमला। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर और मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को सेवा से बर्खास्त किए जाने के मामले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार को हिमाचल प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अगुवाई में शिमला में प्रदर्शन किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव करते हुए राहुल गांधी और सांसद डॉ. बिमोल अकोइजाम के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों के पुतले फूंके। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने कहा कि जेएनयू ने 9 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत डॉ. अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया है। उनके मुताबिक, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति को 11 छात्राओं की ओर से शिकायतें मिली थीं और समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। डेजी ठाकुर ने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।
डेजी ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला सुरक्षा और पितृसत्ता के खिलाफ आवाज उठाती है, लेकिन अपनी पार्टी के सांसद से जुड़े इस मामले में उसका रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ राहुल गांधी के कथित व्यवहार का भी उल्लेख किया।
भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने और अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि महिला सुरक्षा और लैंगिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर कांग्रेस की स्थिति इस मामले में भी स्पष्ट होनी चाहिए।
डॉ. अकोइजाम जेएनयू के सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर रहे हैं। वह वर्ष 2024 में कांग्रेस के टिकट पर इनर मणिपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। दूसरी ओर, डॉ. अकोइजाम पहले इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं और इन्हें अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया था।
जेएनयू की कार्रवाई के बाद इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। शिमला में हुए प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी कर मामले पर अपना विरोध दर्ज कराया।
