Shimla, Sanju-हिमाचल प्रदेश की राजनीति में गरमाहट बढ़ गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया है। उन्होंने सेब सीजन के बावजूद कलेक्शन सेंटर शुरू न होने पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यभार संभालते ही प्रदेश में आपदा का सिलसिला शुरू हो गया।
शिमला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए रास्ता साफ किया। उन्होंने कहा कि इसका ताज़ा उदाहरण APMC में देखने को मिला, जहां दुकानों का बेस प्राइस 4,510 रुपये तय किया गया, लेकिन उन्हें मात्र 4,600 रुपये प्रतिमाह पर आवंटित कर दिया गया। भाजपा का कहना है कि दुकानों की नीलामी नए सिरे से कराई जाए।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि विभाग की सचिव पवन सैनी ने अपने रिश्तेदार अनिरुद्ध सैनी को शिलारू में शॉप नंबर 27 केवल 2,850 रुपये मासिक किराये पर दी, जबकि भाजपा सरकार के दौरान ऐसे दुकानों का किराया 25 से 80 हजार रुपये तक था। इसके बाद सचिव और अन्य अधिकारियों के तबादले भी किए गए।उन्होंने आगे बताया कि पराला मंडी में 34 दुकानों के लिए 52 आवेदन आए, जिनमें से 18 को, टूटू में 8 दुकानों के लिए आए 17 आवेदनों में से 9 को, और शिलारू में 28 दुकानों के लिए आए 64 आवेदनों में से 36 को बिना स्पष्ट कारण खारिज कर दिया गया। भाजपा का सवाल है कि इतने बड़े पैमाने पर आवेदन क्यों रद्द हुए।भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की मंडियों को डिजिटलाइज करने के लिए मदद दे रही है, लेकिन इसके बावजूद हिमाचल सरकार ने टेंडर प्रक्रिया के जरिए अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है।
