राहुल चावला, शाहपुर-: सुधेड़ पंचायत के प्रधान अजीत नैहरिया ने बोह गांव में हाल ही में आपदा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर प्रत्येक परिवार को पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से 10-10 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता करे, ताकि वे जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
अजीत नैहरिया ने कहा कि केवल सरकारी सहायता का इंतजार करने की बजाय समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आना चाहिए। यदि सामूहिक प्रयास किए जाएं तो प्रभावित परिवारों को अपने घरों का पुनर्निर्माण करने और जीवन को दोबारा व्यवस्थित करने में काफी मदद मिल सकती है।सरकार द्वारा पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.5 लाख रुपये तथा घरेलू सामान के नुकसान के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक कदम है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में मकान निर्माण की लागत काफी बढ़ चुकी है और घोषित राशि से पूरा घर तैयार करना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद यह सहायता प्रभावित परिवारों के लिए राहत का आधार बन सकती है।प्रधान नैहरिया ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घोषित सहायता समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उनकी पंचायत के एक आपदा प्रभावित परिवार के लिए भी 7.5 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई थी, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी परिवार को राशि प्राप्त नहीं हुई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बोह के प्रभावित परिवारों के मामलों में ऐसी स्थिति दोहराई न जाए और राहत राशि शीघ्र जारी की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के कारण कई बच्चों की किताबें, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री नष्ट हो गई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे विद्यार्थियों को जल्द आवश्यक शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
