Mandi, Dharamveer-:मंडी नगर निगम के दौंधी वार्ड नंबर 15 के ग्रामीणों ने एक बार फिर नगर निगम से बाहर किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम के दायरे में आने के बाद उन पर विभिन्न प्रकार के टैक्स का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिसे चुकाना गरीब जनता के लिए संभव नहीं है।
सोमवार को दौंधी वार्ड नंबर 15 के अंतर्गत आने वाले गांव के लोगों ने इस मांग को लेकर आवाज बुलंद की। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीसी मंडी से मिला और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी प्रेषित किया।वार्ड निवासी माया देवी, शांता देवी और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले वे चाहल पंचायत के अंतर्गत आते थे, लेकिन पंचायत को तोड़कर उन्हें नगर निगम में शामिल कर दिया गया। निगम गठन के बाद करीब तीन वर्षों तक उनसे कोई टैक्स नहीं लिया गया, लेकिन अब नगर निगम ने अलग-अलग प्रकार के टैक्स वसूलना शुरू कर दिए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि निगम गठन के समय पूर्व सरकार ने कुछ समय बाद उन्हें फिर से पंचायत में शामिल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। फिलहाल उनसे केवल कूड़ा टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में अन्य टैक्स भी बढ़ाए जाने की आशंका है।ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी गरीब है और इन टैक्सों को अदा करने में पूरी तरह असमर्थ है। इसके अलावा दौंधी से जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण लोगों को समय और पैसे दोनों की परेशानी झेलनी पड़ रही है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्हें नगर निगम से बाहर नहीं किया गया, तो वे जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
