मंडी : धर्मवीर – गुरू पूर्णिमा पर छोटी काशी मंडी में कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। होटल कम्फर्ट में भी इस उपलक्ष पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्राचीन पद्दति के तहत हवन-यज्ञ करके पूर्णाहूति डाकलर गुरूओं का आशीवार्द लिया गया। इस समारोह में विवेकानंद योग और संगती साधना केंद्र के संस्थापक स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी ने विशेष रूप से शिरकत की।
स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी ने बताया गुरू पूर्णिमा का महत्व
बता दें कि स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी पहले मंडी में रहते थे, लेकिन 15 वर्ष पूर्व यहां से पंचकुला चले गए थे। मंडी में दुर्गा पूजा पर जो भव्य आयोजन होता है उसे शुरू करने का श्रेय भी इन्हीं को ही जाता है। अब इन्होंने मंडी में आकर गुरू पूर्णिमा पर भव्य कार्यक्रम को शुरू किया है। उन्होंने इस आयोजन के लिए सरदार भगवंत सिंह को बधाई दी और गुरू पूर्णिमा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भगवान वेद ब्यास की जन्मतिथि को गुरू पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह एक ऐसा पर्व है जो हमें गुरू के महत्व से अवगत करवाता है और बताता है कि इंसान के जीवन में गुरू का होना कितना जरूरी है।
कार्यक्रम के आयोजक सरदार भगवंत सिंह ने बताया कि उन्हें इस आयोजन को करने का सौभाग्य मिला है। करीब 200 ने इस समारोह में भाग लेकर स्वामी गौरीश्वरानंद जी का आशीवार्द लिया और अधिकतर ने इस मौके पर गुरू धारण भी किया। भविष्य में इस आयोजन को हर वर्ष इसी तरह आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा और स्वामी गौरीश्वरानंद जी महाराज को हर वर्ष बुलाकर उनका आशीवार्द प्राप्त किया जाएगा।
