संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में लंबे समय से सीमेंट कंपनी और ट्रक ऑपरेटरों के बीच में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। इस विवाद को लेकर राजनीति भी प्रदेश में खूब गर्मा रही हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा हैं। तो वहीं सरकार इस मामले को सुलझाने के लिए लगातार बैठकें कर रही हैं। यह विवाद सुलझ सके इसके लिए सरकार ने अपनी ओर से तैयारी कर ली हैं अगर फिर भी बात नहीं बनती है तो सरकार अडानी कंपनी को लीगल नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं।
प्रदेश में करीब दो महीने से अडानी के सीमेंट प्लांट बंद पड़े हैं, हालांकि दोनों के बीच सरकार विवाद सुलझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन किराए को लेकर सहमति नहीं हो पा रही हैं। वहीं अब सरकार अडानी कंपनी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है सरकार अडानी कंपनी के खिलाफ लीगल नोटिस भेजने की तैयारी कर रही हैं। सरकार ने ट्रक ऑपरेटर के साथ बैठक कर किराया तय किया हैं। अब उद्योग विभाग के अधिकारी कंपनी को किराए को लेकर अवगत करवाएगी और यदि कंपनी शर्तों को नहीं मानती है तो सरकार कंपनी को लीगल नोटिस जारी करेगी। यही नहीं सरकार अडानी कंपनी की सीमेंट प्लांट की लीज रद्द करने पर भी विचार करेगी।
प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर्स के साथ बैठक हुई है और उसमें ट्रक ऑपरेटर ने अपना किराया बता दिया हैं जिससे अधिकारी कंपनी को अवगत करवाएंगे। यदि कंपनी इसे लागू करती है तो यह विवाद खत्म हो जाएगा और यदि कंपनी नहीं मानती है तो सरकार को मजबूरन लीगल एक्शन लेना पड़ेगा। यही नहीं अधिकारियों को कंपनी को दी गई जमीन की जांच करने को भी कहा गया हैं और 118 की अनुमति कंपनी की ओर से ली गई है या नहीं और कंपनी कोई अवैध रूप से खनन तो नहीं कर रही है इसकी भी जांच करने के आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सीमेंट प्लाट बंद होने से हिमाचल सरकार को हर रोज दो करोड़ का नुकसान हो रहा हैं। इसके अलावा ट्रक ऑपरेटर्स को भी काफी नुकसान हो रहा हैं। सरकार ट्रक ऑपरेटर यूनियन के साथ नाइंसाफी नहीं होने देगी।
