By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: आयुर्वेद से संभव होगा बांझपन का प्रमाणित इलाज, 6 मामलों पर स्टडी जारी
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > health > आयुर्वेद से संभव होगा बांझपन का प्रमाणित इलाज, 6 मामलों पर स्टडी जारी
healthhimachal

आयुर्वेद से संभव होगा बांझपन का प्रमाणित इलाज, 6 मामलों पर स्टडी जारी

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2024/03/19 at 11:08 AM
Share

मंडी:धर्मवीर (TSN)-निः संतान दंपतियों के लिए आयुर्वेद के माध्यम से माता-पिता बनने की किरण जगी है। आयुर्वेद से अब बांझपन का प्रमाणित ईलाज संभव हो सकेगा,इसके लिए क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान पंडोह ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक के साथ मिलकर शोधकार्य शुरू कर दिया है। संस्थान ने 6 मामलों पर स्टडी भी शुरू कर दी है।

अभी भी होता है आयुर्वेद से बांझपन का ईलाज,लेकिन वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणिकता नहीं

बता दें कि आयुर्वेद से भी बांझपन का ईलाज होता है लेकिन इसको लेकर वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए अब इसके वैज्ञानिक प्रमाण को सिद्ध करने के लिए यह शोध किया जा रहा है। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान पंडोह के सहायक निदेशक डा. राजेश सण्ड ने बताया कि अप्रैल 2023 से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है और अभी सिर्फ 6 मामलों पर स्टडी चल रही है। यह स्टडी मेडिकल कॉलेज नेरचौक के साथ मिलकर की जा रही है। हालांकि इस सारी स्टडी में काफी लंबा समय लगेगा क्योंकि अभी यह एक तरह से शुरूआती दौर है लेकिन जो 6 मामले अभी इनके पास हैं उन्हें इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं जिस कारण वे आयुर्वेद के माध्यम से ट्रिटमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुर्वेद से बांझपन का ईलाज संभव है लेकिन अब यह वैज्ञानिक रूप से यह बताना है कि यह ईलाज होता है और किस तरह से होता है। ऐलोपैथी की अपनी पद्दति है और आयुर्वेद की अपनी पद्दति होती है।

डा. राजेश ने बताया कि उनके संस्थान में प्री-क्लिनिक हाइपोथायरायडिज्म की दवाओं पर भी रिसर्च चल रही है। शुरूआती दौर में थॉयराइड के उपचार को लेकर दवाओं पर शोध चल रहा है और जल्द ही इस शोधपत्र को भी प्रकाशित कर दिया जाएगा।

TAGGED: Mandi Regional Ayurveda Research Institute Pandoh
Chandrika March 19, 2024
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article धर्मशाला की जनता ने निकाला आक्रोश मार्च बोले… चुनाव में उसी को चुनेंगे जो उनकी कसौटी पर उतरेगा खरा
Next Article प्रदेश में 21 मार्च से मौसम लेगा करवट… बारिश और बर्फबारी की संभावना
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

स्कूलों के 100 गज दायरे में तंबाकू बिक्री पर प्रशासन सख्त, निरीक्षण के बाद ही मिलेंगे लाइसेंस

Ago

संगीत सदन ने समर कैंप में 25 महिलाओं को बनाया हुनरबाज, सिखाया आर्ट एंड क्राफ्ट

Ago

राहुल गांधी के जन्मदिवस पर कांग्रेस का हरित अभियान,पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

Ago

अवैध खनन पर नूरपुर पुलिस का बड़ा प्रहार, 24 घंटे में 25 वाहनों पर कार्रवाई

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?