कांगड़ा, राहुल -;स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला बाल कल्याण समिति कांगड़ा ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से स्कूल बसों में ओवरलोडिंग, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आवश्यक सुविधाओं के अभाव की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद समिति ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरटीओ धर्मशाला और आरटीओ देहरा से 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विक्रमजीत शर्मा ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों में स्कूल बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, सुरक्षा नियमों का पालन न करने और जरूरी व्यवस्थाओं की कमी की बात सामने आई है। इन शिकायतों पर समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद सर्वसम्मति से परिवहन विभाग से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगने का निर्णय लिया गया।उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि जिले में संचालित स्कूल बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों का कितना पालन कर रही हैं। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि किन बसों में कमियां पाई गई हैं और परिवहन विभाग की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है। समिति रिपोर्ट की समीक्षा कर आवश्यक होने पर संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश देगी।समिति ने जांच के दौरान स्कूल बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, प्रशिक्षित चालक, अटेंडेंट, प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण और अन्य अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं की उपलब्धता की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी बस में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित स्कूल प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
विक्रमजीत शर्मा ने कहा कि प्रत्येक स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं जिन बसों में छात्राएं सफर करती हैं, उनमें महिला अटेंडेंट की तैनाती को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्कूलों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। समिति का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
