शिमला, संजू -: पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश की शहरी इकाई, शिमला की त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को प्रधान मदन लाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में करीब 300 स्थायी सदस्यों ने भाग लिया।इस दौरान पेंशनरों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई और राज्य सरकार से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।एसोसिएशन के महासचिव सुभाष वर्मा ने बताया कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लंबित सेवानिवृत्ति लाभों और अन्य वित्तीय देनदारियों का एकमुश्त भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण पेंशनरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए।
बैठक में चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े लंबित बिलों के तत्काल निपटारे की भी मांग उठाई गई। सदस्यों का कहना था कि बुजुर्ग पेंशनरों को गंभीर बीमारियों के इलाज पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है और समय पर मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। एसोसिएशन ने भविष्य में प्रत्येक माह नियमित रूप से चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि जारी करने की व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया।इसके अलावा जनवरी 2023 से लंबित 15 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) तत्काल जारी करने और उससे संबंधित एरियर का भुगतान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में लंबित डीआर का भुगतान पेंशनरों के लिए राहत साबित होगा।शिमला में पेंशनरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से कार्यालय कक्ष उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त शिमला को पहले भी दो बार मांगपत्र सौंपा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
बैठक में राज्य स्तरीय संयुक्त सलाहकार समिति का शीघ्र गठन कर पेंशनरों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद शुरू करने की भी मांग की गई। एसोसिएशन का कहना है कि इस समिति के गठन से पेंशनरों के वित्तीय, प्रशासनिक और कल्याणकारी मुद्दों का प्रभावी समाधान संभव होगा। बैठक को प्रधान मदन लाल शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया, जबकि डॉ. प्रेम शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
