बिलासपुर,सुभाष-:यह बिलासपुर और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में कार्यरत हैंडबॉल कोच मनोज ठाकुर को चीन में आयोजित होने वाली 19वीं एशियाई पुरुष जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय पुरुष जूनियर हैंडबॉल टीम का मुख्य प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले सहित पूरे प्रदेश के खेल जगत में खुशी का माहौल है।
चैंपियनशिप की तैयारियों के तहत भारतीय पुरुष जूनियर हैंडबॉल टीम का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर 4 जुलाई से 13 जुलाई तक जमशेदपुर के टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मनोज ठाकुर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे और टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करेंगे।वर्तमान में मनोज ठाकुर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, बिलासपुर में हैंडबॉल कोच के साथ-साथ राज्य खेल छात्रावास के प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खेल प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनका अनुभव काफी समृद्ध रहा है। अब तक वे 15 बार हिमाचल प्रदेश की हैंडबॉल टीम के मुख्य कोच के रूप में विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कोच और रेफरी दोनों की भूमिका निभाई है। इससे पहले उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित चौथी सेंट्रल एशियन ओपन हैंडबॉल चैंपियनशिप में भी वे भारतीय टीम के कोच रह चुके हैं।
मनोज ठाकुर का संबंध बिलासपुर जिले की नम्होल क्षेत्र की सिकरोहा पंचायत के साईं गांव से है। उनके पिता नत्थू राम ठाकुर हिमाचल पथ परिवहन निगम से अड्डा प्रभारी के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता राजो ठाकुर गृहिणी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा दयानंद मॉडल स्कूल, बिलासपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) बिलासपुर से जमा दो और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी, शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर तथा राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस), पटियाला से कोचिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सरकारी सेवा में आने से पहले उन्होंने पंजाब के बटाला स्थित कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में अध्यापन कार्य किया। बाद में बड़े भाई अधिवक्ता गोपाल ठाकुर से प्रेरित होकर कुछ समय वकालत भी की। वर्ष 2015 में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में उनकी पहली नियुक्ति कुल्लू में हुई और वर्ष 2018 से वे बिलासपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।उनके मार्गदर्शन में तैयार कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उनकी पत्नी रूचिका ठाकुर भी राष्ट्रीय स्तर की सॉफ्टबॉल खिलाड़ी हैं। मनोज ठाकुर का कहना है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी साधन भी हैं।
मनोज ठाकुर, मुख्य प्रशिक्षक, भारतीय पुरुष जूनियर हैंडबॉल टीम:
“भारतीय जूनियर टीम का मुख्य प्रशिक्षक बनाए जाने पर मैं हैंडबॉल फेडरेशन और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग का आभार व्यक्त करता हूं। हमारा लक्ष्य एशियाई चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करना है। खिलाड़ी पूरी मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी करेंगे और मुझे विश्वास है कि टीम देश के लिए शानदार परिणाम लेकर आएगी।”
