मंडी:धर्मवीर (TSN)-15 वार्डो में फैले नगर निगम मंडी के वार्ड नंबर 2 में प्राकृतिक जल स्त्रोत शीतला बाबड़ी का पानी दूषित पाया गया है।इस पानी को पीने के बाद कुछ बच्चे पीलिया का शिकार हुए है।इन बच्चों के संक्रिमित होने के बाद नगर निगम हरकत में आया और जल शक्ति विभाग के साथ मिलकर शहर की तीन बाबड़ियों के सैंपल भए गए। इनमें से शीतला माता मंदिर के पास की बाबड़ी का पानी दुषित पाया गया है।
जोनल अस्पाल मंडी सीएमओ डॉ एनके भारद्वाज ने बताया कि दूषित पानी पीने के बाद पीलिया का शिकार हुए बच्चों में हेपेटाइटिस-ई के लक्षण पाए गए हैं। डॉ एनके भारद्वाज ने बताया कि गर्मियों में दूषित पानी पीने से जल जनित रोंगों का खतरा बढ़ जाता है।उन्होंने लोगों से गर्मियों के मौसम में जल जनित रोगों से बचने के लिए पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।उन्होंने बताया कि जिला के सभी ब्लॉकों में बीएमओ को भी प्राकृतिक जल स्रोतों की साफ-सफाई कराने के आदेश दिए गए हैं। ताकि गर्मियों के मौसम में लोग जल जनित रोगों का शिकार होने से बच सके।
दूषित होने के बाद की गई है बाबडी की सफाई,फिर से भरे गए हैं सैंपल
वहीं नगर निगम मंडी महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने बताया कि शीतला बाबड़ी के पानी सैंपल फेल होने के बाद नगर निगम द्वारा बाबड़ी की साफ सफाई करवा दी गई है। जिसके बाद फिर से इसके पानी के सैंपल भरे गए हैं। सैंपल सही न होने तक उन्होंने लोगों से इस बाबड़ी का पानी इस्तेमाल न करने की हिदायत की है।जल शक्ति विभाग द्वारा अन्य बाबडियों के भी सैंपल लिए गए थे जो सही पाए गए हैं।मंडी नगर निगम में 110 के करीब बाबड़ियां और अन्य प्राकृतिक जल स्त्रोत है,जिनके जिर्णोद्धार व रखरखाव नगर निगम जल शक्ति विभाग के साथ मिलकर कर रहा है।उन्होंने लोगों से भी प्राकृतिक जल स्त्रोतों व बाबड़ियों की साफ सफाई करने की अपील की है।
