Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सीटू संगठन और किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से चार नए लेबर कोड के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लेबर कोड को मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चारों लेबर कोड की प्रतियां जला कर अपना विरोध दर्ज करवाया।
सीटू नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे ये लेबर कोड मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों, सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर पूंजीपतियों के हितों को बढ़ावा देने की कोशिश की है। उनका कहना था कि मजदूरों और किसानों की हालत पहले ही कठिन है और ऐसे में नए कोड उनके लिए और बड़े संकट खड़े कर देंगे।उन्होंने कहा कि ये लेबर कोड मजदूर वर्ग को बंधुआ मजदूरी और गुलामी की ओर धकेलने जैसे कदम हैं, जिन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इन कोड को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। गुरनाम सिंह ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मजदूरों की नहीं, बल्कि किसानों और आम जनता के अधिकारों की भी है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वे संघर्ष के माध्यम से इन श्रम संहिताओं का विरोध जारी रखेंगे ताकि सरकार इन्हें वापस लेने के लिए बाध्य हो सके। सीटू ने स्पष्ट किया कि लेबर कोड के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
