Mandi, Dharamveer-कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने एक बार फिर लंबित पड़े मुआवज़े की अदायगी के लिए आवाज़ बुलंद की है। डैहर, अलसू, कोट और जडोल पंचायतों के ग्रामीणों ने एसडीएम सुंदरनगर के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी को ज्ञापन भेजकर ब्याज सहित हरजाना जल्द जारी करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2013 में उनकी ज़मीन अधिग्रहित की गई थी। 2014 में लागू नए भूमि अधिग्रहण कानून के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रभावितों को मुआवज़े की राशि पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त हरजाना ब्याज सहित दिया जाए। इसी आधार पर डिविजनल कमिश्नर मंडी और बाद में जिला एवं सत्र न्यायालय ने भी प्रभावितों के पक्ष में निर्णय सुनाए।
अब तक केवल 20 प्रतिशत प्रभावितों को यह हरजाना राशि मिली है, जबकि 80 प्रतिशत परिवार अब भी इंतजार कर रहे हैं। प्रभावित अरुण प्रकाश आर्य और विजय शर्मा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट तक ने इस तरह के मामलों में एनएचएआई को भुगतान करने के आदेश दिए हैं, लेकिन हिमाचल में एनएचएआई बार-बार मामले को टाल रही है और अब हाईकोर्ट का सहारा ले रही है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मुआवज़ा जल्द जारी नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
