राहुल चावला, धर्मशाला: भाजपा नेता पिछले 5 साल गांधी परिवार की आलोचना करते रहे और मोदी चालीसा का गुणगान करते रहे, लेकिन हिमाचल के बाद कर्नाटक चुनाव नतीजों ने भाजपा की कथनी व करनी के अंतर को स्पष्ट कर दिया हैं। अब जैसे-जैसे लोकसभा के चुनाव नजदीक आ रहे है भाजपा के नेताओं ने एक बार फिर से प्रदेश की जनता के साथ लुभावने वादे करने शुरू कर दिए हैं। यह बात प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा पर हमलावर होते हुए कही।
प्रेम कौशल ने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद का नाम लिए बिना कहा कि आंसु बहाकर जिस नेता ने टिकट लिया, चुनाव जीते विधायक बने, फिर मंत्री पद मिला, बाद में उन्हें सांसद बनाकर लोकसभा भेजा गया। वहीं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर ने सीयू, रेल सहित अन्य वादे किए, लेकिन 4 साल तक संसदीय क्षेत्र की जनता को भूल गए, अब चुनाव सामने देख यह दोनों सांसद चिंतित होकर जनता के बीच दिखने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश की जनता भाजपा के लुभावने वादों में नहीं आएगी और कांग्रेस को एक बार फिर से इन लोकसभा चुनावों में जीत दिलवाएगी। कौशल ने कहा कि वाटर सेस से करीब 4 हजार करोड़ की आय प्रदेश को होगी, लेकिन पहले पंजाब, फिर हरियाणा ने इसका विरोध किया, अब केंद्र से भी इस संदर्भ में प्रदेश सरकार को पत्र जाना शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश से संबंधित छह सांसद 3 लोकसभा व 3 राज्यसभा यह स्पष्ट करें कि वे वाटर सेस के समर्थन में हैं या विरोध में। प्रेम कौशल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वाटर सेस जनरेशन पर नहीं, बल्कि इस्तेमाल पर लगाया है और भाजपा प्रदेश सरकार की आय बढ़ाने की इस पहल के प्रयास को पंक्चर करने की कोशिश कर रही हैं।
