राकेश,ऊना: ऋण का विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी ने अपने ढाई माह के कार्यकाल में ही पच्चीस सौ करोड़ रुपए का ऋण ले लिया हैं। अभी आगे और कर्ज यह सरकार लेगी। कांग्रेस सरकार पर कर्ज़ को लेकर यह वार बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती ने किया हैं। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में बीजेपी ऊना मंडल की कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि बैठक का उद्देश्य आने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर रणनीति बनाना हैं।
विधायक सतपाल सत्ती ने बताया कि इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य आने वाले समय में बीजेपी के जो कार्यक्रम होने वाले हैं उनको लेकर रूपरेखा तैयार करने के साथ ही लोकसभा चुनावों को लेकर भी रूपरेखा बनाना हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार की ओर से जो संस्थान बंद किए गए हैं उसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने हस्ताक्षर अभियान चलाया हैं। जहां-जहां संस्थान बंद किए गए हैं वहां- वहां पर बीजेपी हस्ताक्षर अभियान चला रही हैं। इस अभियान के तहत हस्ताक्षर एकत्र कर उन्हें राज्यपाल को सौंपा जाएगा, ताकि बंद हुए संस्थानों को खोला जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम किया जा रहा हैं और जो जनविरोधी फैसले लिए जा रहे हैं उसके चलते ऊना विधानसभा के पांचों मंडल इकट्ठे होकर आने वाले समय में एक बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रदर्शन की रूपरेखा पार्टी हाईकमान की तरफ से तय की जाएगी उसके बाद इसको अमलीजामा पहनाया जाएगा।
सतपाल सत्ती ने कहा की केंद्र सरकार ने जो वायदे किए हैं अगर कांग्रेस को लगता है कि उन वायदों को पूरा नहीं किया गया है तो वे उनके नाम गिनवाए। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अच्छे फैसले लिए जा रहे हैं जिसके चलते आज पूरे भारत का दबदबा विश्व के अंदर बना हुआ हैं। उन्होंने कहा की कांग्रेस की ओर से जो गारंटियां जनता को दी गई हैं वह उनके गले की हड्डी बन गई हैं। उन्हें लेकर लोग भी उनका मजाक उड़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा की कांग्रेस ने एक साल में एक लाख नौकरियां दिए जाने का वायदा किया था और महिलाओं को 1500 सौ रुपए महीना देने की बात कही थी। वहीं दो रुपए किलो गोबर खरीदने का वायदा किया था, लेकिन इस पर कोई भी बात नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अपने चहेतों को फायदा देने के लिए ल नियुक्तियां की जा रही हैं जिसका बोझ जनता पर पड़ रहा हैं।
