भावना, शिमला: फरवरी में नगर निगम शिमला के किए गए पुनर्सीमांकन के लगातार असंतोष देखने के लिए मिल रहा है। नाभा वार्ड से निवर्तमान पार्षद सिम्मी नंदा पुनर्सीमांकन के खिलाफ़ हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने उपायुक्त शिमला को याचिकाकर्ता की आपत्तियां सुनने के निर्देश दिए, लेकिन उपायुक्त ने आपत्तियां सुनने के बावजूद इसका निपटारा नहीं किया। इसे लेकर पार्षद सिम्मी नंदा ने उपायुक्त शिमला पर मनमाना रवैया अपनाने के आरोप लगाए है। सिम्मी नंदा ने कहा कि शिमला उपायुक्त खुद को उच्च न्यायालय से भी ऊपर समझते है और प्रदेश सरकार के दबाव में काम कर रहे है।
सिम्मी नंदा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी के रवैये पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय भी उनकी कार्यप्रणाली से असंतुष्ट है। नंदा ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार चुनाव लड़ने से डर रही है और चुनाव में देरी करने के लिए जानबूझकर आपत्तियां सुनने के लिए समय लगा रही है।
