बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जंबाल ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और पुलिस प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऊना, सोलन, बद्दी और मुख्यमंत्री के गृह जिले तक अपराधों में तेजी आई है, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हुई है। जंबाल ने मंडी में तेजाब फेंककर महिला की हत्या की हालिया घटना को “हिमाचल के लिए शर्मनाक” करार दिया।
“मंडी की घटना बेहद दर्दनाक, अपराध दर तेजी से बढ़ रहा है”
विधायक ने कहा कि मंडी में हुई घटना सहित कई मामलों में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। विमल नेगी केस का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में नियंत्रण रखने में पूरी तरह असफल रही है।
बिलासपुर में बढ़ रहा माफिया राज
जंबाल ने दावा किया कि बिलासपुर जिले में माफिया राज फल-फूल रहा है। उन्होंने बताया कि एक साल में दो बार गोलियां चलीं, यहां तक कि पूर्व विधायक पर भी फायरिंग हुई। एक महिला का पर्स छीनने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चोरी और लूट की वारदातें बढ़ रही हैं।
“सरकार के संरक्षण में नशा माफिया पनप रहा है”
विधायक का आरोप है कि नशा माफिया सरकार के संरक्षण में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ होती तो चिट्टा माफिया अब तक खत्म हो चुका होता। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ माफिया तत्व स्कूलों में जाकर चिट्टे के बारे में बातचीत तक कर रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
त्रिलोक जंबाल ने कहा कि बिलासपुर पुलिस का काम केवल चालान काटने तक सीमित हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को कुछ किलोमीटर दूर घटनास्थल तक पहुंचने में दो से ढाई घंटे लग जाते हैं।
सीसीटीवी कैमरों की स्थापना में देरी पर भी उन्होंने प्रशासन को घेरा। जंबाल ने बताया कि कैमरे लगाने में डेढ़ साल का समय लगा और अब उनमें तकनीकी खामियां निकल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि खामियों की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
