राहुल चावला,धर्माशाला: प्रदेश के किसानों से जुड़ी समस्याओं और उनकी मांगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के सुक्खू तक पहुंचाने के लिए गुरुवार को जिला मुख्यालय धर्मशाला में संयुक्त मंड क्षेत्र किसान सभा के सदस्यों की ओर से जिलाधीश डॉ निपुण जिंदल को ज्ञापन सौंप गया। इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष अपनी मांगों को रखा हैं।
संयुक्त मंड क्षेत्र किसान सभा के प्रधान विजय कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह घोषणा की है कि गेहूं की खरीद इस वर्ष 10 अप्रैल को शुरू होगी उन्होंने कहा कि इस विलंबता के कारण किसानों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश सरकार को भी नुकसान होगा जिसका सीधा फायदा पंजाब के व्यापारी वर्ग को होगा। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी क्योंकि वहां पर गेहूं की फसल जल्दी तैयार ही जाती है और गेहूं की खरीद का कार्य भी जल्द शुरू हो जाता हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील करते हुए कहा कि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल 2023 से आरंभ की जाए। यदि खरीद में देरी की गई तो स्थानीय किसानों को अपनी फसल को बचने के लिए बहुत नुकसान और परेशानी उठानी पड़ सकती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी दूसरी मांग को रखते हुए कहा की आगामी समय में किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेश सरकार को अधिक से अधिक खरीद केंद्र खुलवाने के लिए 35 किलोमीटर के दायरे में कम से कम 5 और खरीद केंद्र खोले जाएं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
संयुक्त मंड क्षेत्र किसान सभा के प्रधान विजय कुमार ने कहा कि इस मंड क्षेत्र में गेहूं की फसल पक कर लगभग तैयार थी लेकिन मौसम की मार के आगे किसानों की एक ना चली। जब फसल को काटने का समय आया तो अचानक से तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई जिस कारण इस क्षेत्र की 40% फसल लगभग तबाह हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस नुकसान से उभरने के लिए प्रदेश सरकार किसानों को उचित मुआवजा देकर उन्हें राहत प्रदान करे।
वहीं विजय कुमार ने कहा कि मंड क्षेत्र की उपज शेष हिमाचल के क्षेत्र से अधिक हैं। इस क्षेत्र की गेहूं की फसल का मूल्यांकन करने के लिए आपके आदेशानुसार पिछले गेहूं के सीजन के दौरान कृषि विभाग पालमपुर की एक टीम मंड क्षेत्र में आई थी। उन्होंने पिछले वर्ष गेहूं की क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्रति किला (8 कनाल ) गेहूं की उपज 22 क्विंटल निर्धारित की थी, लेकिन खरीद पोर्टल पर इस क्षेत्र की गेहूं की उपज अभी तक 12 क्विंटल दर्ज हैं जिसे बदलकर 22 क्विंटल एकड़ किया जाए।
