ऊना, राकेश-:जिला के चताड़ा गांव में स्थित प्राचीन अर्धनारीश्वर शिव मंदिर पर शिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों का तांता लगा। भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव-पार्वती के खंडित शिवलिंग के दर्शन कर जलाभिषेक किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर की मान्यता है कि यह शिवलिंग खंडित रूप में है, जिसमें एक भाग में भगवान शिव और दूसरे में मां पार्वती विराजमान हैं। कहा जाता है कि प्राचीन काल में पांडवों ने इसे स्थापित किया था। यहां भगवान शिव ने अर्धनारीश्वर रूप धारण कर राक्षस का वध किया था, जिसके बाद वे मां पार्वती के साथ खंडित शिवलिंग में स्थायी रूप से विराजमान हुए। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहाँ जलाभिषेक करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और माता पार्वती सुहागिनों को सौभाग्यशाली बनाने का आशीर्वाद देती हैं।
मंदिर कमेटी के सदस्यों भूपेंद्र ठाकुर और विजय ठाकुर ने बताया कि शिवरात्रि के मौके पर खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। भक्तजन रात से मंदिर में लंगर और फलहार के लिए जुटे रहे। भोले के जयकारों और भजन की गूँज से मंदिर परिसर जीवंत हो उठा।साथ ही, मंदिर परिसर में तालाब पर बना झूला पुल भी श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बना। हजारों भक्त झूला पुल पार कर मंदिर में प्रवेश कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर रहे हैं, और इस अवसर को सौभाग्यशाली मान रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने मंदिर में आकर शिव-पार्वती की महिमा का गुणगान किया और अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।
