बिलासपुर/सुभाष ठाकुर: हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठों पर अश्विन नवरात्रि आज बड़ी धूमधाम के साथ शुरू हो गए। सुबह की आरती मंत्रोच्चारण के साथ श्री नैना देवी के दरबार मे प्रथम नवरात्रि के उपलक्ष पर माता शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। श्री नैना देवी मंदिर को हरियाणा के समाजसेवी संस्था द्वारा रंग बिरंगे फूलों व लाइटों से सजाया गया है । माता के दरबार का यह दृश्य श्रद्धालुओं के मन को मोह लेता है।
पंजाब हिमाचल हरियाणा दिल्ली यूपी बिहार और अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्धालु नवरात्र पूजन के लिए माता के दरबार में पहुंचे हैं। जहां पर नवरात्रा के पावन उपलक्ष पर श्रद्धालुओं ने हवन किया, पूजा-अर्चना की। वहीं पर माता का शुभ आशीर्वाद प्राप्त करके अपने घर परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों से जिला प्रशासन मंदिर न्यास के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। मंदिर क्षेत्र में जगह-जगह पुलिस बल तैनात है और श्रद्धालुओं को लाइनों में माता के दरबार दर्शनों के लिए भेजा जा रहा है। मंदिर में कड़ाह प्रसाद नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
600 पुलिसकर्मी होमगार्ड के जवान तैनात
मेला पुलिस अधिकारी शेर सिंह का कहना है कि नवरात्रों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 600 पुलिसकर्मी होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मंदिर में एक्स सर्विसमैन फौजी भी तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को आराम से माता के दर्शन हो सके। नवरात्रों के दौरान असामाजिक तत्व और जेब कतरों को नजर रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े।
यहां माता सती के गिरे थे नेत्र
माता श्री नैना देवी का दरबार जहां माता सती के नेत्र गिरे थे इसलिए इस शक्तिपीठ का नाम श्री नैना देवी जी पड़ा । कहते हैं कि जब माता श्री नैना देवी ने महिषासुर राक्षस का वध किया था, तो उस समय देवी देवताओं ने जय नयने उद्घोष किया था , जिसके चलते भी माता श्री नैना देवी का नाम श्री नैना देवी पड़ा। कहते हैं कि माता के दरबार में चांदी के नेत्र चढ़ाने से श्रद्धालुओं के आंखों की रोशनी ठीक हो जाती है व आंखों से संबंधित रोग नहीं होते । काफी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में नवरात्र पूजन के लिए पहुंचते हैं और मंदिर प्रशासन के द्वारा भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
