राहुल चावला, धर्मशाला-:पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के तहत रजोल से ठानपुरी तक प्रस्तावित फोरलेन के अलाइनमेंट को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से इस सेक्शन के लिए चार अलग-अलग विकल्प तैयार किए गए हैं। इनमें से एक विकल्प पर प्रदेश सरकार ने अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेज दी है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी केंद्रीय मंत्रालय के स्तर पर लंबित है। ऐसे में जब तक केंद्र की ओर से अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक फोरलेन का वास्तविक अलाइनमेंट किस दिशा से होकर गुजरेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।
इन दिनों सोशल मीडिया पर रजोल से आगे फोरलेन के निर्माण और प्रस्तावित अलाइनमेंट को लेकर अलग-अलग तरह की सूचनाएं सामने आ रही हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी विकल्प को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और केंद्र सरकार की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
चार विकल्पों पर हुआ विचार
डीसी के अनुसार, NHAI ने रजोल से आगे फोरलेन के लिए चार विकल्प तैयार किए हैं। पहले विकल्प में प्रस्तावित सड़क मौजूदा एयरपोर्ट के ऊपर से गुजरते हुए आगे एक लिंक के माध्यम से सीधे कच्छयारी की ओर जुड़ने की बात सामने आई है। दूसरे विकल्प में मटौर के आसपास क्रॉस-कट करते हुए सड़क को नीचे की ओर ले जाने का प्रस्ताव है। तीसरे विकल्प में सड़क एयरपोर्ट के नीचे से होकर ले जाने की संभावना रखी गई है। वहीं चौथा विकल्प भी एयरपोर्ट के नीचे वाले अलाइनमेंट का एक अन्य वैरिएंट बताया गया है।प्रशासन के अनुसार, इन सभी विकल्पों के तकनीकी, व्यावहारिक और स्थानीय प्रभावों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इनमें से एक विकल्प को अपनी अनुशंसा के साथ केंद्र को भेजा है। हालांकि, अंतिम निर्णय मंत्रालय द्वारा लिया जाना है।
स्थानीय लोगों की चिंता भी सरकार तक पहुंची
गगल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में प्रस्तावित फोरलेन के अलाइनमेंट को लेकर विशेष चिंता है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से कई बार प्रशासन के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई जा चुकी है। एयरपोर्ट विस्तार के चलते पहले ही कई परिवारों की जमीन प्रभावित हो चुकी है। अब ऐसे परिवार नए मकान बनाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन फोरलेन का अंतिम अलाइनमेंट तय नहीं होने के कारण उनके सामने भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि स्थानीय लोगों की चिंताओं और उनके अनुरोध से केंद्रीय मंत्रालय को भी अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय से अंतिम निर्णय प्राप्त होने के बाद अलाइनमेंट को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। प्रशासन की ओर से औपचारिक निर्णय मिलने के बाद इसकी जानकारी प्रेस रिलीज के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी।
