बीबीएन : जगत सिंह -नालागढ़ के तहत पहाड़ी हलके रामशहर मार्ग पर स्थित गुरु कुंड में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बैसाखी जोड़ मेला लगाया गया । हजारों की तादाद में पहुंचे श्रद्धालुओं ने 13 अप्रैल और 14 अप्रैल को भारी मात्रा में पहुंचकर गुरुकुण्ड में आस्था की डुबकी लगाई और अपने और अपने परिवार वालों व क्षेत्र वासियों की सुख – समृद्धि की कामना भी की ।
गुरुकुंड में पूजा पाठ करने वाले बाबा भगत सिंह का कहना है कि गुरु कुंड में कोठा क्नोन के रहने वाले बेबस सुखदेव सिंह हर रोज कुंड में स्नान करने के लिए आते थे और राजाओं का समय था और राजा ने बाबा जब स्नान कर रहे थे उन्हें मरने के लिए घेरा डाला और उन्हें मारने की कोशिश की लेकिन सुखदेव बाबा इतने शक्तिशाली थे कि वह अपना चोला छोड़कर अदृश्य हो गए और तब से लेकर आज तक यहां पर इस स्थान को गुरु कुंड के नाम से जाना जाता है और हर वर्ष बैसाखी के दिन यहां पर 13 अप्रैल और 14 अप्रैल को भारी मेला लगता है , जिसमें पंजाब , हिमाचल , हरियाणा , चंडीगढ़ , दिल्ली , यूपी बिहार से श्रद्धालु आते हैं और आस्था की डुबकी लगाकर अपने परिवार और क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना करते हैं। उनका कहना है कि यह ऐतिहासिक प्रसिद्ध स्थान है और यहां पर जो भी मन्नते श्रद्धालुओं द्वारा मानी जाती है ,वह पूरी होती है जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में इस स्थान कि काफी श्रद्धा है।
