ऊना, राकेश -: हिमाचल प्रदेश में “अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि विशेष कानून” लागू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। इस मांग को लेकर चंबा के डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से 1 अप्रैल को शुरू की गई “सामाजिक न्याय यात्रा” के प्रथम चरण का समापन अब ऊना जिले के संतोषगढ़ में शाम को किया जाएगा। इसी क्रम में यात्रा से जुड़े राज्य गठबंधन के सदस्यों ने ऊना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से शीघ्र कानून बनाने की मांग दोहराई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से राज्य सरकार के समक्ष इस विषय को लगातार उठा रहे हैं, जबकि यह मांग वर्ष 2012 से लंबित है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए लोकसभा चुनाव के दौरान यह आश्वासन दिया था कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए आबादी के अनुपात में बजट आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा और इसके लिए कानूनी प्रावधान भी किया जाएगा, ताकि निधि का अन्यत्र उपयोग न हो सके।गठबंधन के सदस्यों ने कहा कि कांग्रेस की नीतिगत परंपरा के तहत छठी पंचवर्षीय योजना में इस तरह की योजनाओं की शुरुआत हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में “न्याय संकल्प” के तहत आबादी के अनुपात में बजट और कानूनी प्रावधान का वादा किया गया था। वक्ताओं ने मांग की कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां इस कानून को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, जिससे शिक्षा, रोजगार और भूमि वितरण के क्षेत्र में वंचित वर्ग को लाभ मिल सके।
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