Shimla, 10 May (TSN)-हिमाचल प्रदेश में युद्ध जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की व्यवस्था तत्काल शुरू करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उमंग फाउंडेशन ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने पत्र में आग्रह किया है कि प्रदेश के सभी जिलों में युवाओं और समाजसेवी संगठनों को संगठित कर पंजीकरण और प्रशिक्षण की प्रक्रिया आरंभ की जाए।
प्रो. श्रीवास्तव ने अपने पत्र में लिखा है कि हिमाचल प्रदेश सामरिक दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां सेना की प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक), दलाई लामा का निवास, तिब्बती निर्वासित सरकार, रणनीतिक डैम और औद्योगिक इकाइयां जैसे अनेक संभावित लक्ष्य मौजूद हैं। इन स्थितियों को देखते हुए सिविल डिफेंस की स्थानीय भूमिका बेहद अहम हो जाती है।उन्होंने कहा कि जब देश की सेनाएं और सरकारी संस्थान अपने स्तर पर सुरक्षा प्रबंध कर रही हैं, तब समाज को भी तैयार रहना होगा। प्रशिक्षित सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स आपातकाल में घायल नागरिकों को सहायता देने, राहत सामग्री पहुंचाने, ब्लड बैंकों को रक्त उपलब्ध कराने और भीड़-प्रबंधन जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि दुर्भाग्यवश प्रदेश में इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि सभी जिलाधीशों को स्वयंसेवी, छात्र, धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के साथ समन्वय कर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भर्ती व प्रशिक्षण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही युवाओं को सामाजिक सुरक्षा और राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाना भी इस पहल का हिस्सा होना चाहिए।
