Shimla, Sanju (TSN)-भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शनिवार को राजभवन में सर्वधर्म प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य राज्य में सौहार्द बनाए रखना, सभी धर्मों को एक मंच पर लाना और देश की एकता व सुरक्षा के प्रति साझा समर्थन प्रकट करना था।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दिया संयम व समर्थन का संदेश
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बैठक के दौरान कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है और देश की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई उकसावे की कार्रवाइयों का भारत ने मजबूती से जवाब दिया है। सभी धर्मगुरुओं ने भारतीय सेना और केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह समय एकता का है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी समुदायों ने एकजुट होकर देश विरोधी गतिविधियों की निंदा की है। उन्होंने कश्मीर से हिमाचली छात्रों की सुरक्षित वापसी की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि 39 छात्रों को सुरक्षित लाने के लिए HRTC की तीन बसें भेजी गई हैं और बच्चों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूबेदार मेजर पवन कुमार की शहादत को नमन करते हुए कहा कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहीद के पिता ने भी बेटे की वीरता पर गर्व जताया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में पठानकोट की तर्ज पर SOP लागू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अंब, इंदौरा, चिंतपूर्णी और नूरपुर क्षेत्रों में मिसाइल के टुकड़े मिले हैं, जिससे डमटाल क्षेत्र में दो मवेशियों की मौत भी हुई है। हालात को नियंत्रित रखने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में पठानकोट की तर्ज पर SOP लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राज्य के सभी आपदा प्रबंधन कार्यालय सप्ताहांत में भी खुले रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्परता से निपटा जा सके।
