संजीव महाजन,नूरपुर: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शनिवार को बाढ़ ग्रस्त मंड क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे। सबसे पहले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पौंग बांध के पर्यटक हट में अधिकारियों से बैठक की। बैठक में क्षेत्र के हालात पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जनता की सेवा करने को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जल्द से नुकसान की रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजें ताकि प्रभावितों को मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रभावित छूटना नहीं चाहिए।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि देखिए इस समय आपदा चली हुई है हमें कुछ नहीं कहना चाहिए जब विधानसभा सत्र होगा तब कहेंगे कि किसने क्या किया हैं। उन्होंने बताया कि अकेले जल शक्ति विभाग को दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है फिर हमारे अधिकारी जान हथेली पर रखकर पूरे प्रदेश में पानी बहाल किया हैं। मैं सभी अधिकारियों, चीफ इंजीनियर, फ्रंट लाइन वर्कर जिन्होंने दो दो दिन खाना नहीं खाया जो पानी बहाल करने में लगे रहे और लोगों की मदद की हैं उनके कार्य ओर कार्यप्रणाली की सराहना करता हूं।
उन्होंने कहा कि हमने केंद्र से बार बार आग्राह किया है कि जो राहत प्रदेश को मिलनी चाहिए वो दी जाए। राज्यस्थान की सरकार ने 15 सौ करोड़ हिमाचल को इस आपदा से उभरने के लिए दिया। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने 11 करोड़ रुपया और राधा स्वामी सत्संग ब्यास वालों ने दो करोड़ रुपया मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दिया हैं। उन्होंने बताया कि कल मैं नैना देवी गया था उन्होंने दो करोड़ रुपया दिया हैं। बाबा बालकनाथ वालों ने दो करोड , चिंतपूर्णी मंदिर कमेटी ने दो करोड़ रुपया दिया। सब लोग मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं ताकि मानवता की सेवा की जा सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के संबंध में यह नहीं देखा जाना चाहिए कि यहां कांग्रेस की सरकार हैं। हमें इस तरह देखा जाना चाहिए कि हम देश का ही अंग है जब हम संकट में है तो हमारी मदद होनी चाहिए।
