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Reading: देवता खुड्डी जहल के पास आज भी मौजूद है 150 साल पुराना सोने का छत्र
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देवता खुड्डी जहल के पास आज भी मौजूद है 150 साल पुराना सोने का छत्र

Chandrika
Chandrika 3 Min Read
Updated 2024/03/14 at 10:45 AM
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मंडी:धर्मवीर (TSN)-100 वर्षों के बाद शिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने आए देवता खुड्डी जहल के पास आज भी लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना सोने का वो छत्र मौजूद है जिसे मंडी के राजा विजय सेन ने देवता को भेंट स्वरूप दिया था। देवता खुड्डी जहल के पास इसके अलावा राजा की तरफ से दी गई 6 चादरें और वाद्य यंत्र भाणा भी मौजूद है। बता दें कि जब तक देवता को राजा द्वारा दी गई चादर नहीं बांधी जाती तब तक देवता कहीं नहीं जाते।

निसंतान को संतान देने वाले देवता के रूप में भी जाने जाते हैं देवता खुड्डी जहल

देवता के पुजारी रूप लाल शर्मा ने बताया कि रियासतकाल में देवता खुड्डी जहल का राज परिवार के साथ विशेष लगाव था। राजा विजय सेन ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर सोने का छत्र, 6 चादरें और भाणा भेंट स्वरूप दिए थे। हालांकि चादरें काफी पुरानी हो गई हैं लेकिन जब तक उन्हें रथ के साथ न बांधा जाए तब तक देवता कहीं नहीं जाते। देवता खुड्डी जहल को संतान प्राप्ति और सभी प्रकार के दुखों को हरने वाला देवता कहा जाता है।बता दें कि देवता खुड्डी जहल का मूल स्थान कुल्लू जिला के आनी उपमंडल के तहत आने वाले देहुरी गांव में है। यह गांव मंडी और कुल्लू जिलों की सीमाओं पर स्थित है। रियासतकाल में देवता मंडी में आते थे लेकिन किन्हीं कारणों से मंडी आना बंद कर दिया और बाद में जब जिलों का गठन हुआ तो देवता का मंदिर कुल्लू जिला में शामिल हो गया। देवता के कारदार खूब राम ने बताया कि इस बार देवता ने स्वयं आने का आदेश दिया था जिसके बाद उन्हें यहां लाया गया है। भविष्य में देवता हर बार शिवरात्रि में आएंगे। उन्होंने बेहतरीन स्वागत और इंतजामों के लिए जिला प्रशासन, मेला समिति और देवता समिति का आभार भी जताया।

शिवरात्रि महोत्सव में 100 साल बाद आए हैं देवता

वहीं,100 वर्षों बाद मंडी आए देवता खुड्डी जहल के दर्शनों के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंडी के लोग इसे अपना सौभाग्य मान रहे हैं कि 100 वर्षों बाद उन्हें देवता खुड्डी जहल के दर्शन करके उनका आशीवार्द प्राप्त करने का मौका मिल रहा है।

TAGGED: Mandi international shivratri mahotsav
Chandrika March 14, 2024
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