मंडी : धर्मवीर – हिमाचल प्रदेश में विद्युत बोर्ड 1800 करोड़ के घाटे पर चला हुआ है, इसके बावजूद भी सरकार 350 रुपए के मीटर की जगह 10 हजार रुपए का मीटर स्मार्ट मीटर लगाने की बात कर रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद ना केवल बोर्ड के कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा बल्कि आने वाले समय में युवाओं को भी रोजगार नहीं मिलेगा। वहीं इन मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं को महंगी दरों पर बिजली मिलेगी। यह बात हिप्र राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड एम्पलाइज यूनियन के केंद्रीय कार्यकारिणी उपाध्यक्ष एमएल ठाकुर ने मंडी में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन के दौरान कही। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने यह धरना प्रदर्शन के चीफ इंजीनियरिंग कार्यालय मंडी के बाहर दिया।
स्टाफ की कमी के चलते टीमेट से लिया जा रहा सहायक लाइनमैन का कार्य
एमएल ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2016 से कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर नही किया जा रहा है। जबकि 10 हजार रुपये का स्मार्ट उपभोक्ताओं पर थोपा जा रहा है। प्रदेश सरकार 52 साल पुराने बिजली बोर्ड से छेड़छाड़ करने की कोशिश ना करें नहीं तो आने वाले समय में सरकार के खिलाफ और उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों का 8 सूत्रीय मांग पत्र दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों के माध्यम से भी सरकार को भेजा जाएगा।वहीं एमएल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की नोटिफिकेशन के बाद भी बिजली बोर्ड द्वारा पुरानी पेंशन लागू नहीं की गई है। जिस कारण बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली बोर्ड के कार्यालय दूसरी जगह भी शिफ्ट किया जा रहे हैं। संचार विभाग और ट्रांसमिशन में भी बदलाव किया जा रहा है। यहाँ पर कार्यरत स्टाफ को पॉवर कॉर्पोरेशन में तबदील किया जा रहा है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एमएल ठाकुर ने कहा कि स्टाफ की कमी ले चलते टीमेट से सहायक लाइन मैन का कार्य लिया जा रहा है। सरकार द्वारा बजली बोर्ड के एमडी की अस्थाई नियुक्ति की गयी है। उन्होंने सरकार से एमडी की स्थाई नियुक्ति की भी मांग उठाई है।
