नाहन :देवेंद्र कुमार (TSN)- यूं तो दीपावली का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है,मगर सिरमौर जिला के दूरदराज गिरिपार इलाके में इस पर्व को मनाने का कुछ अंदाज ही अलग है ।यहां पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाई जाती है जो अपनी ख़ास पहचान रखती है
गाँव मे लोग जलाते है मशालें भागते है भूत प्रेत
गिरिपार इलाके के ज्यादातर इलाकों मे अमावस्या की रात यहां गाँव मे लोगों द्वारा मशाले जलाई जाती है । गांव के मंदिर परिसर में इकट्ठा होकर मशाले जलाई जाती है और उसके बाद मशाल यात्रा के दौरान पूरे गांव की परिक्रमा की जाती है। खास बात यह भी है कि इस मशाल यात्रा में सिर्फ पुरुष वर्ग हिस्सा लेता है। ऐसी मान्यता है कि मशाल यात्रा निकालने के बाद गांव में कभी भूत प्रेतों का साया नहीं पड़ता है । साथ ही इस दौरान इलाके की सुख समृद्धि की कामना भी और लोगों द्वारा की जाती है। मशाल यात्रा समाप्त होने के बाद वापिस पुरुष वर्ग मन्दिर परिसर में पहुचता है, जहाँ सिया गीत का गायन किया जाता है । क्षेत्र में यह पर्व 2 से 3 दिनों तक मनाया जाता है और इस दौरान यहां इलाके की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
