हमीरपुर, अरविंद- : हिमाचल प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी की सुविधा को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजिंदर राणा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि हिमाचल उत्तर भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है। ऐसे में भाजपा नेताओं का यह कहना कि रोबोटिक सर्जरी की मशीन धूल फांक रही है, पूरी तरह निराधार है।डॉ. वर्मा ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी को इस सुविधा को लेकर कोई संदेह है तो वह आरटीआई के माध्यम से रोबोटिक सर्जरी से हुए ऑपरेशनों का पूरा रिकॉर्ड हासिल कर सकती है। इससे सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. वर्मा ने कहा कि पहले जिन मरीजों को रोबोटिक सर्जरी करवाने के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था और इसके लिए तीन से चार लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, उन्हें अब हिमाचल में ही करीब 30 हजार से 90 हजार रुपये के बीच यह सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, लेकिन भाजपा को सरकार के ये जनहित के कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं।
भाजपा की शिमला में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली पर निशाना साधते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि देश में अराजकता कहां और किसके कारण फैल रही है, यह जनता अच्छी तरह जानती है। लोकतंत्र को आज सबसे बड़ा खतरा किससे है, इसका जवाब भी देश की जनता के सामने है।उन्होंने हमीरपुर के गांधी चौक के समीप हाल ही में हुई हुड़दंगबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को किसका समर्थन मिलता है, यह किसी से छिपा नहीं है। डॉ. वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा वास्तव में अराजकता खत्म करना चाहती है तो उसे इसकी शुरुआत दिल्ली से ही करनी चाहिए थी।उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में लोगों के वोटों की चोरी हो रही है और कई जगह सरकारी संपत्तियों की भी चोरी हो रही है। ऐसे हालात को अराजकता नहीं कहेंगे तो आखिर क्या कहेंगे।

