राकेश,ऊना: किसानों की आय में बढ़ोतरी कार्य उनकी आजीविका उपार्जन के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती को जिला में बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ऊना की ओर से यह पहल की गई है,जिसके तहत किसानों की निजी भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। जिला में मनरेगा के तहत अब तक 2700 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए गए, जिनमें से बंगाणा उपमंडल के तहत 2100 ओर गगरेट के ओयल में 600 पौधे लगाए जा चुके है।
उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट लगाने का कार्य किसानों की निजी भूमि पर किया जा रहा है, जिसके लिए किसान का मनरेगा जॉब कार्ड धारक होना आवश्यक है। जिला प्रशासन ऊना ने पंजीकृत नर्सरियों के लिए पौधे के दाम नोटिफाई किए हैं और किसान इन नर्सरियों से ड्रैगन फ्रूट की खरीद कर सकते है। जिला प्रशासन ड्रैगन फ्रूट के पौधारोपण के लिए एक लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देगा। जिसमें पौधे के खरीद की लागत ओर उसे लगाने का खर्च शामिल है।
राघव शर्मा ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती पहले से ही जिला ऊना में कुछ स्थानों पर की जा रही है, जिसके परिणाम उत्साहवर्धक है। इसीलिए जिला प्रशासन ने इसे बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, जिससे कि किसानों में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि संजीवनी परियोजना के तहत जिला प्रशासन ने अंब उपमंडल के तहत बेहड़ जसवां में लगभग 80,000 औषधीय पौधों का रोपण किया गया था, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका का साधन विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बेहड़ जसवां में किए गए प्रायोगिक कार्य की सफलता को ध्यान में रखकर वर्तमान में जिला प्रशासन ने मनरेगा के तहत ड्रैगन फ्रूट के पौधारोपण के कार्यों को करने के प्रयास किया है।
जिलाधीश ने कहा कि कोई भी मनरेगा जॉब कार्ड धारक किसान जो ड्रैगन फ्रूट की खेती का इच्छुक हो, वह अपनी पंचायत के पंचायत सचिव अथवा बीडीओ कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
