Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिला में लंबे समय से बारिश न होने के कारण मौसम में नमी की भारी कमी देखी जा रही है। सूखी ठंड का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। जिले में प्रतिदिन सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम से अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है।
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। धूल और प्रदूषण के संपर्क में आने से सांस से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिससे लोगों को खांसी और गले में खराश की शिकायत हो रही है।मेडिकल कॉलेज के एसएम देशराज शर्मा ने बताया कि इस समय अस्पताल में आने वाले अधिकतर मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ता है, जिससे वे ठंडी हवा और धूल के संपर्क में आते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने, मास्क का उपयोग करने और ठंडी हवा से बचाव करने पर विशेष जोर दिया गया है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की भी अपील की गई है। इसके अलावा, सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करने और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सतर्कता बरतने से बीमारियों को गंभीर होने से रोका जा सकता है और सूखी ठंड के दुष्प्रभाव से बचाव संभव है।
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