नीरज डोगरा, शिमला: शिमला के आईजीएमसी में पिछले क़ई सालों से मुफ़्त लंगर सेवा जिस हॉल में चल रही है एक बार फिर से वहां का बिजली पानी का कनेक्शन आईजीएमसी प्रशासन की ओर से काट दिया गया है। इसी के विरोध में यहां लंगर लगाने वाले
समाजसेवी ओर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके सरबजीत सिंह बॉबी एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा के नजदीक प्रदर्शन पर बैठ गए हैं।
सरबजीत सिंह बॉबी शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में मुफ्त लंगर की सुविधा देते हैं। यहां करीब एक साल बाद 25 अक्टूबर के दिन बहाल की गई थी,लेकिनबिजली-पानी की सुविधा को प्रशासन ने एक बार फिर बंद कर दिया है,जिसका विरोध सरबजीत सिंह बॉबी प्रदर्शन कर जता रहे हैं। वहीं शिमला के पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर भी सरबजीत सिंह बॉबी के समर्थन के लिए इस प्रदर्शन में पहुंचे है।
समाजसेवी सरबजीत सिंह बॉबी ने कहा कि उनके लंगर को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है।एक साल पहले भी उनके लंगर हॉल से बिजली-पानी की सुविधा काट दी गई थी। 25 अक्टूबर के दिन जब उनके लंगर को नौ साल पूरे हुए, उस दिन प्रशासन की ओर से बिजली-पानी की सुविधा को दुरुस्त कर दिया गया, लेकिन शनिवार को एक बार फिर प्रशासन ने इस लंगर हॉल से बिजली-पानी काट दिया। बॉबी ने कहा कि वे राजनीति से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन राजनीतिक दबाव में उनके लंगर के साथ राजनीति करने की कोशिश कर रहा है सरबजीत सिंह बॉबी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें परेशान करने का काम किया जा रहा है।
गौरतलब है कि समाजसेवी सरबजीत सिंह बॉबी साल 2014 से शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में मुफ्त लंगर की सुविधा चला रहे है।इसके अलावा सरबजीत सिंह बॉबी मरीजों के तीमारदारों को मुफ्त कंबल और बेडिंग की सुविधा भी देते हैं। सरबजीत सिंह बॉबी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर एक समाजसेवी के रूप में है। बॉबी लंबे समय से फ्यूनरल वैन चलाकर भी जनसेवा के काम में लगे हैं।
