बिलासपुर : सुभाष ठाकुर ( TNS)- प्रारंभिक शिक्षा विभाग बिलासपुर के उपनिदेशक बीडी शर्मा पिछले कुछ दिनों से औचक निरीक्षण अभियान पर हैं । इस दौरान कई ऐसे स्कूल पाए गए, जहां खामियां नजर आईं।
औचक निरीक्षण अभियान के दौरान एक स्कूल में हेडमास्टर ही डयूटी से गायब था जबकि एक स्कूल में अध्यापक छुटटी पर होने के बावजूद इसके लिए आवेदन ही नहीं किया था और रजिस्टर ही मैंटेन नहीं पाया गया जबकि कुछ जगहों पर विद्यार्थी सवालों के सही जबाव नहीं दे पाए। बच्चों की हिंदी भाषा पर पकड़ भी काफी कमजोर पाई गई। कई जगह अध्यापक बोर्ड का यूज ही नहीं कर रहे तो कहीं व्यवस्थाओं में भारी कमियां देखी गई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित स्कूल मुखियाओं को व्यवस्था में सुधार के लिए कहा गया है। साथ ही जिन स्कूलों अध्यापक नदारद पाए गए वहां पर संबंधित शिक्षकों से जबाव तलब किया गया है। अध्यापक छुटटी पर थे लेकिन इसके लिए आवेदन ही नहीं किया गया था।
उपनिदेशक ने इस बात पर हैरानी जाहिर की कि यदि सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्रणाली व उचित प्रबंधन नहीं होगा तो उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के दावे कहां तक सही साबित होंगे। ऐसे में संबंधित स्कूल मुखियाओं को एक सही व्यवस्था बनाने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को प्रदान करने के अलावा खेलों पर भी फोकस करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि औचक निरीक्षण अभियान आगे भी यथावत जारी रहेगा और जहां भी खामियां पाई जाएंगी वहां पर नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। व्यवस्था का मजाक बनने नहीं दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिले में 574 प्राईमरी स्कूल हैं, जबकि 88 मिडल स्कूल कार्यरत हैं।
