किन्नौर, अनिल कुमार: आज़ादी के 75 वर्ष के बाद भी किन्नौर के कटगांव पोलिंग बूथ के तहत आने वाले तीन गांवों के मतदाताओं को चुनावों के समय कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने मत का प्रयोग करना पड़ता है। कई जगहों ओर मतदान केंद्र 10 किलोमीटर दूर है जहां तक पैदल जाना लोगों के लिए दिक्क़ते खड़ी कर रहा है।मतदाताओं की इस समस्या के बारे में चुनाव आयोग व जिला निर्वाचन कार्यालय को कई बार लिखित रूप से अवगत करवाया है,लेकिन मतदाताओं की इस समस्या का अभी तक समाधान नहीं किया गया है जिस पर रोष किन्नौर विधायक जगत सिंह नेगी ने जताया हैम
विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि लोकसभा , विधानसभा व पंचायत चुनावों में कांगरंग गांव के लोगों को अपने मत का प्रयोग करने के लिए गांव से लगभग 10 किलोमीटर दूर दुर्गम रास्ते से पैदल कटगांव मतदान केंद्र पर जाना पड़ता है जिससे ग्रामीणों को मुशिकलों का सामना करना पड़ता है। आज भारत देश में जिस तरह से विकास हो रहा है व सराहनीय है किंतु हिमाचल के अभी भी बहुत से ऐसे गांव है जो विकास से पिछड़े हुए है। इसके अतिरिक्त दुतरंग के मतदाताओं को लगभग 6 किलोमीटर व बेई के मतदाताओं को भी लगभग तीन किलोमीटर दूर कटगांव मतदान केंद्र पर व होमते गांव के लोगों को लगभग चार किलोमीटर दूर काफनू मतदान केंद्र पर पैदल अपने मत का प्रयोग करने के लिए जाना पड़ता है ।
उन्होंने बताया कि इन सभी गांवों के युवा वर्ग व अन्य लोग तो जैसे तैसे अपने मत का प्रयोग करने के लिए पैदल मतदान केंद्र पर पहुंच जाते है लेकिन बुजुर्गों को उक्त मतदान केंद्र पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यही वजह भी है की बजुर्ग लोग अपने मत का प्रयोग भी नहीं कर पाते है। इसी तरह जिला के और भी कई गांव ऐसे हैं जिनके मतदाताओं को आज भी दो -तीन किलोमीटर पैदल चलकर मतदान केंद्रों पर जाना पड़ता है ।
उन्होंने कहा कि बैठकों में भी कई बार लिखित रूप में दिया गया कि लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए उक्त गांवों के लिए नए पोलिंग स्टेशन बनाने की सख्त जरूरत है लेकिन अभी भी इस समस्या के समाधान के लिए कोई विचार नहीं किया गया है, जिससे आज के इस दौर में भी लोगों को अपने मत का प्रयोग करने के लिए मुश्किलों के दौर से गुजरना पड़ रहा है ।
विधायक जगत सिंह नेगी ने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा है कि इन दुर्गम क्षेत्रों के लिए नजदीक नए मतदान केंद्र बनाएं जाएं ताकि लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित न रह सकें।
